श्री विष्णु अष्टकम भगवान श्रीहरि विष्णु की महिमा का वर्णन करने वाला अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है। इसमें भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप, अनंत गुणों, करुणा तथा समस्त सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में उनकी महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। मान्यता है कि श्री विष्णु अष्टकम का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जीवन के कष्ट, भय और नकारात्मकता दूर होती है तथा सुख, समृद्धि, शांति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से एकादशी, गुरुवार और भगवान विष्णु की पूजा के समय इसका पाठ अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।
।। श्रीगणेशाय नमः ।।
विष्णुं विशालारुणपद्मनेत्रं
विभान्तमीशांबुजयोनिपूजितम् ।
सनातनं सन्मतिशोधितं परं
पुमांसमाद्यं सततं प्रपद्ये ॥ १॥
कल्याणदं कामफलप्रदायकं
कारुण्यरूपं कलिकल्मषघ्नम् ।
कलानिधिं कामतनूजमाद्यं
नमामि लक्ष्मीशमहं महान्तम् ॥ २॥
पीतांबरं भृङ्गनिभं पितामह-
प्रमुख्यवन्द्यं जगदादिदेवम् ।
किरीटकेयूरमुखैः प्रशोभितं
श्रीकेशवं सन्ततमानतोऽस्मि ॥ ३॥
भुजङ्गतल्पं भुवनैकनाथं
पुनः पुनः स्वीकृतकायमाद्यम् ।
पुरन्दराद्यैरपि वन्दितं सदा
मुकुन्दमत्यन्तमनोहरं भजे ॥ ४॥
क्षीरांबुराशेरभितः स्फुरन्तं
शयानमाद्यन्तविहीनमव्ययम् ।
सत्सेवितं सारसनाभमुच्चैः
विघोषितं केशिनिषूदनं भजे ॥ ५॥
भक्तार्त्तिहन्तारमहर्न्निशन्तं
मुनीन्द्रपुष्पाञ्जलिपादपङ्कजम् ।
भवघ्नमाधारमहाश्रयं परं
परापरं पङ्कजलोचनं भजे ॥ ६॥
नारायणं दानवकाननानलं
नतप्रियं नामविहीनमव्ययम् ।
हर्त्तुं भुवो भारमनन्तविग्रहं
स्वस्वीकृतक्ष्मावरमीडितोऽस्मि ॥ ७॥
नमोऽस्तु ते नाथ! वरप्रदायिन्
नमोऽस्तु ते केशव! किङ्करोऽस्मि ।
नमोऽस्तु ते नारदपूजिताङ्घ्रे
नमो नमस्त्वच्चरणं प्रपद्ये ॥ ८॥
।। फलश्रुतिः ।।
विष्ण्वष्टकमिदं पुण्यं यः पठेद्भक्तितो नरः ।
सर्वपापविनिर्मुक्तो, विष्णुलोकं स गच्छति ॥
इति श्रीनारायणगुरुविरचितं श्रीविष्ण्वष्टकं सम्पूर्णम् ।
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📿 2. तुलसी जप माला (108 मनके)
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। तुलसी की माला से “ॐ नमो नारायणाय” मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जप करना शुभ माना जाता है।
🪵 3. गोमुखी जप बैग
जप माला को सुरक्षित एवं स्वच्छ रखने तथा पारंपरिक विधि से जप करने के लिए गोमुखी बैग उपयोगी होता है।
🪔 4. पीतल का पूजा दीपक
विष्णु सहस्रनाम पाठ से पूर्व घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है। पीतल का दीपक दैनिक पूजा के लिए उत्तम विकल्प है।
🌿 5. तुलसी अर्पण पात्र या पीतल की पूजा थाली
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है। तुलसी अर्पित करने के लिए एक सुंदर पूजा पात्र या थाली उपयोगी रहती है।
🛕 6. भगवान विष्णु की प्रतिमा
घर के मंदिर में भगवान विष्णु अथवा लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा स्थापित कर प्रतिदिन सहस्रनाम का पाठ करना भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
🔔 7. पीतल की पूजा घंटी
पूजा आरंभ करने से पहले घंटी बजाना सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण भाग है। इससे पूजा का वातावरण अधिक पवित्र और एकाग्रता पूर्ण बनता है।
🪷 8. संपूर्ण पूजा थाली सेट
यदि आप नियमित पूजा करते हैं, तो दीपक, घंटी, अगरबत्ती स्टैंड, रोली पात्र आदि सहित एक संपूर्ण पूजा थाली सेट उपयोगी रहेगा।
📚 9. विष्णु पुराण पुस्तक
भगवान विष्णु के अवतारों, लीलाओं और सनातन धर्म के गूढ़ ज्ञान को समझने के लिए विष्णु पुराण का अध्ययन अवश्य करें।
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।। हरिः ॐ ।।