चैत्र नवरात्रि २०२६: तिथि, नव दुर्गा पूजा, चालीसा और आरती संग्रह

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ…

नवदुर्गा मंत्र (Nav Durga Mantra)

मां शैलपुत्री बीज मंत्र  ह्रीं शिवायै नम:  प्रार्थना मंत्रवन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ स्तुति मंत्रया…

सुबह के संस्कृत मंत्र (Morning Sanskrit Mantras)

सुबह के समय उच्चारित किए जाने वाले संस्कृत मंत्र न केवल मानसिक शांति प्रदान करते…

|| अम्बे तू है जगदम्बे काली ||

अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम…

|| आशुतोष शशाँक शेखर ||

आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ निर्विकार ओमकार…

|| विष्णु जी आरती ||

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट, क्षण में…

|| श्री विष्णु चालीसा ||

॥ दोहा ॥ विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।…

|| श्री कृष्ण भोग आरती ||

आओ भोग लगाओ प्यारे मोहनआओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… दुर्योधन को मेवा त्यागो,साग विदुर घर…

|| श्री कृष्ण कन्हैया आरती ||

मथुरा कारागृह अवतारी,गोकुल जसुदा गोद विहारी।नन्दलाल नटवर गिरधारी,वासुदेव हलधर भैया की॥ आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की।…

|| श्री कृष्ण चालीसा ||

।। दोहा ।। बंशी शोभित कर मधुर, नील जल्द तनु श्यामल ।अरुण अधर जनु बिम्बा…

|| श्री गणेश आरती ||

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत,चार भुजा…

|| श्री गणेश चालीसा ||

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल…

|| लक्ष्मी जी की आरती ||

ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता ।तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी…

|| श्री लक्ष्मी चालीसा ||

॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा,करो हृदय में वास ।मनोकामना सिद्घ करि,परुवहु मेरी आस ॥…

|| रघुवर श्री रामचन्द्र जी आरती ||

आरती कीजै श्री रघुवर जी की,सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥ दशरथ तनय कौशल्या नन्दन,सुर…

|| श्री राम चालीसा ||

॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनंवैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं…

।। शिव जी की आरती ।।

ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा…॥…

|| शिव चालीसा ||

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय…

|| दुर्गा जी आरती ||

|| दुर्गा जी आरती || ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन…

|| श्री दुर्गा चालीसा ||

॥ चौपाई ॥ नमो नमो दुर्गे सुख करनी।नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति…