Dipavali 2026

Diwali 2026 will be celebrated on Sunday, 8 November 2026, coinciding with the sacred Kartika Amavasya (New Moon). The Amavasya Tithi begins at approximately 11:27 AM on 8 November and ends at 12:31 PM on 9 November 2026. The most auspicious time for Lakshmi Puja falls during the evening Pradosh Kaal, with the Lakshmi Puja Muhurat in Mumbai being approximately 6:27 PM to 8:27 PM. On this holy occasion, devotees worship Goddess Lakshmi, Lord Ganesha, Goddess Saraswati, Lord Kubera, and Lord Vishnu, seeking wealth, wisdom, success, and divine blessings. To help devotees celebrate this auspicious festival with devotion and ease, we have curated a complete Diwali collection, featuring Lakshmi Puja Vidhi, Lakshmi and Ganesh Mantras, Aartis, Chalisas, Stotras, Bhajans, and other sacred prayers. May the divine light of Diwali illuminate your life with happiness, prosperity, health, and spiritual growth. 🪔✨🙏


दीपावली, जिसे दीपोत्सव और दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, सनातन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और शुभ पर्व माना जाता है। यह केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि धर्म की अधर्म पर विजय, प्रकाश की अंधकार पर विजय तथा समृद्धि, सुख और आध्यात्मिक उन्नति का उत्सव है। वर्ष 2026 में दीपावली रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा का विशेष विधान है।

दीपावली 2026 कब है?

  • दीपावली (लक्ष्मी पूजन): 8 नवंबर 2026, रविवार
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर 2026 को प्रातः 11:27 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12:31 बजे

दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त

मुंबई सहित अधिकांश भारतीय शहरों में लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त अत्यंत शुभ माना गया है।

लक्ष्मी पूजन मुहूर्त (मुंबई):

  • शाम 6:27 बजे से 8:27 बजे तक
  • अवधि: 2 घंटे

प्रदोष काल:

  • शाम 6:02 बजे से 8:34 बजे तक

ध्यान दें: मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

दीपावली पर किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?

1. माँ लक्ष्मी

माता लक्ष्मी धन, वैभव, ऐश्वर्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं। दीपावली की रात्रि में उनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का आगमन होता है।

माँ लक्ष्मी के प्रमुख मंत्र एवं स्तोत्र इस लिंक पर उपलब्ध हैं।

2. भगवान गणेश

भगवान गणेश विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता हैं। लक्ष्मी पूजन में सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा की जाती है ताकि सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हों।

भगवान गणेश जी के पूजा के विस्तृत मंत्र, स्तोत्र, आरती एवं चालीसा के लिए यहाँ क्लीक करें।

3. माता सरस्वती

ज्ञान, विद्या और कला की देवी माता सरस्वती की पूजा भी कई स्थानों पर लक्ष्मी-गणेश के साथ की जाती है।

4. भगवान कुबेर

धन के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर का पूजन व्यापारियों और गृहस्थों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

दीपावली क्यों मनाई जाती है?

दीपावली से जुड़ी अनेक पौराणिक मान्यताएँ हैं—

  • भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास और रावण वध के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में।
  • समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी के प्राकट्य दिवस के रूप में।
  • भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर वध के उपलक्ष्य में।
  • जैन धर्म में भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के रूप में।
  • सिख परंपरा में बंदी छोड़ दिवस के रूप में।

दीपावली पूजा सामग्री

  • माता लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की प्रतिमा
  • कलश
  • रोली, कुमकुम, अक्षत
  • पंचामृत
  • घी का दीपक
  • धूप एवं अगरबत्ती
  • पुष्प एवं माला
  • मिठाई एवं नैवेद्य
  • चाँदी या तांबे के सिक्के

दीपावली पूजा विधि

  1. संध्या समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. पूजा स्थान को साफ करके चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएँ।
  3. माता लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती जी की प्रतिमा स्थापित करें।
  4. दीप प्रज्वलित करें और कलश स्थापना करें।
  5. गणेश पूजन के बाद लक्ष्मी पूजन करें।
  6. श्रीसूक्त, कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी मंत्र का जप करें।
  7. आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
  8. घर के प्रत्येक कोने में दीपक जलाएँ।

दीपावली का आध्यात्मिक संदेश

दीपावली केवल बाहरी दीप जलाने का पर्व नहीं है। यह हमारे भीतर के अज्ञान, क्रोध, लोभ और अहंकार के अंधकार को दूर कर आत्मज्ञान का दीप प्रज्वलित करने का संदेश देती है। जब मन में भक्ति, सदाचार और करुणा का प्रकाश होता है, तभी वास्तविक दीपावली मनाई जाती है।

दीपावली 2026 की शुभकामनाएँ

माता महालक्ष्मी, भगवान गणेश एवं माता सरस्वती की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति का प्रकाश सदैव बना रहे।

॥ शुभ दीपावली 2026 ॥ 🪔✨🙏