देवी काली के 108 पवित्र नाम (काली अष्टोत्तरशतनामावली) हिंदी में पढ़ें। प्रत्येक नाम का अर्थ, महत्व, जप विधि, पूजा में उपयोग तथा माँ काली की कृपा प्राप्त करने के आध्यात्मिक लाभ जानें।
ॐ काल्यै नमः।
Om Kalyai Namah।
जो अन्धकार को दूर करती हैं।
ॐ कपालिन्यै नमः।
Om Kapalinyai Namah।
जो मुण्डमाल धारण करती हैं।
ॐ कान्तायै नमः।
Om Kantayai Namah।
जो अत्यन्त रूपवती हैं।
ॐ कामदायै नमः।
Om Kamadayai Namah।
जो समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं।
ॐ कामसुन्दर्यै नमः।
Om Kamasundaryai Namah।
जो कामदेव के समान सुन्दर हैं।
ॐ कालरात्र्यै नमः।
Om Kalaratryai Namah।
जिनका वर्ण रात्रि के अन्धकार के समान है।
ॐ कालिकायै नमः।
Om Kalikayai Namah।
जो श्याम वर्ण वाली हैं।
ॐ कालभैरवपूजितायै नमः।
Om Kalabhairavapujitayai Namah।
जो भगवान कालभैरव द्वारा पूजित हैं।
ॐ कुरुकुल्लायै नमः।
Om Kurukullayai Namah।
जो मायावी सम्मोहन शक्तियों वाली देवी हैं।
ॐ कामिन्यै नमः।
Om Kaminyai Namah।
जो अत्यन्त आकर्षक एवं स्नेहमयी हैं।
ॐ कमनीयस्वभाविन्यै नमः।
Om Kamaniyasvabhavinyai Namah।
जो अत्यन्त कामुक स्वभाव वाली हैं।
ॐ कुलीनायै नमः।
Om Kulinayai Namah।
जो उत्तम कुल से हैं।
ॐ कुलकर्त्र्यै नमः।
Om Kulakartryai Namah।
जो कुल की उत्पत्ति करने वाली हैं।
ॐ कुलवर्त्मप्रकाशिन्यै नमः।
Om Kulavartmaprakashinyai Namah।
जो कुलाचार अथवा कौल तन्त्र के मार्ग को प्रशस्त करने वाली हैं।
ॐ कस्तूरीरसनीलायै नमः।
Om Kasturirasanilayai Namah।
जो कस्तूरी के समान श्याम वर्ण वाली हैं।
ॐ काम्यायै नमः।
Om Kamyayai Namah।
जो परम उद्देश्य हैं।
ॐ कामस्वरूपिण्यै नमः।
Om Kamasvarupinyai Namah।
जो कामदेव के समान रूपवती हैं।
ॐ ककारवर्णनिलयायै नमः।
Om Kakaravarnanilayayai Namah।
जो ककार वर्ण में विद्यमान हैं।
ॐ कामधेन्वै नमः।
Om Kamadhenvai Namah।
जो कामधेनु के समान समस्त कामनाओं की पूर्ति करती हैं।
ॐ करालिकायै नमः।
Om Karalikayai Namah।
जो भयङ्कर रूप वाली हैं।
ॐ कुलकान्तायै नमः।
Om Kulakantayai Namah।
जो अपने कुल में प्रिय हैं।
ॐ करालास्यायै नमः।
Om Karalasyayai Namah।
जो अत्यन्त उग्र हैं।
ॐ कामार्तायै नमः।
Om Kamartayai Namah।
जिन्हें प्रेम एवं श्रद्धा द्वारा प्राप्त किया जा सकता है
ॐ कलावत्यै नमः।
Om Kalavatyai Namah।
जो समस्त कलाओं की ज्ञाता हैं।
ॐ कृशोदर्यै नमः।
Om Krishodaryai Namah।
जिनकी कमर अत्यन्त पतली है।
ॐ कामाख्यायै नमः।
Om Kamakhyayai Namah।
जो इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।
ॐ कौमार्यै नमः।
Om Kaumaryai Namah।
जो परम पवित्र एवं चिर यौवना हैं।
ॐ कुलपालिन्यै नमः।
Om Kulapalinyai Namah।
जो कुल (वंश) की रक्षा अथवा पालन-पोषण करती हैं।
ॐ कुलजायै नमः।
Om Kulajayai Namah।
जो श्रेष्ठ कुल से सम्बन्धित हैं।
ॐ कुलकन्यायै नमः।
Om Kulakanyayai Namah।
जो कुल की कन्या के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
ॐ कलहायै नमः।
Om Kalahayai Namah।
जो कलह या विवाद उत्पन्न करने वाली हैं।
ॐ कुलपूजितायै नमः।
Om Kulapujitayai Namah।
जो समस्त कुल द्वारा पूजित हैं।
ॐ कामेश्वर्यै नमः।
Om Kameshvaryai Namah।
जो कामदेव के लिये पूजनीय हैं।
ॐ कामकान्तायै नमः।
Om Kamakantayai Namah।
जिनकी कान्ति कामदेव के समान है।
ॐ कुञ्जेश्वरगामिन्यै नमः।
Om Kunjeshvaragaminyai Namah।
जिनकी चाल एवं गति भगवान गणेश के समान है।
ॐ कामदात्र्यै नमः।
Om Kamadatryai Namah।
जो कामनाओं की पूर्ति करती हैं।
ॐ कामहर्त्र्यै नमः।
Om Kamahartryai Namah।
जो काम वासना का शमन करती हैं।
ॐ कृष्णायै नमः।
Om Krishnayai Namah।
जो कृष्ण, अर्थात् काले-नीले वर्ण की हैं।
ॐ कपर्दिन्यै नमः।
Om Kapardinyai Namah।
जिनके मस्तक पर जटा-जूट सुशोभित है।
ॐ कुमुदायै नमः।
Om Kumudayai Namah।
जो कुमुद, अर्थात् नीलकमल के समान हैं।
ॐ कृष्णदेहायै नमः।
Om Krishnadehayai Namah।
जो भगवान श्रीकृष्ण के समान श्याम वर्ण की हैं।
ॐ कालिन्द्यै नमः।
Om Kalindyai Namah।
जो देवी यमुना के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कुलपूजितायै नमः।
Om Kulapujitayai Namah।
जो सम्पूर्ण कुल में पूजित हैं।
ॐ काश्यप्यै नमः।
Om Kashyapyai Namah।
जो ऋषि कश्यप के कुल से सम्बन्धित हैं।
ॐ कृष्णमात्रे नमः।
Om Krishnamatre Namah।
जो भगवान श्रीकृष्ण की माता हैं।
ॐ कुलिशाङ्ग्यै नमः।
Om Kulishangyai Namah।
जिनका शरीर इन्द्र के वज्र की भाँति कठोर है
ॐ कलायै नमः।
Om Kalayai Namah।
जो कला-कौशल के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ क्रींरूपायै नमः।
Om Krimrupayai Namah।
जो ‘क्रीं’ बीज की ध्वनि के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कुलगम्यायै नमः।
Om Kulagamyayai Namah।
जिन्हें कुल अथवा कौल तन्त्र मार्ग द्वारा प्राप्त करना सम्भव है
ॐ कमलायै नमः।
Om Kamalayai Namah।
जो कमला महाविद्या के रूप में स्थित हैं।
ॐ कृष्णपूजितायै नमः।
Om Krishnapujitayai Namah।
जो भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पूजित हैं।
ॐ कृशाङ्ग्यै नमः।
Om Krishangyai Namah।
जिनके शरीर की आकृति दुर्बल है
ॐ किन्नर्यै नमः।
Om Kinnaryai Namah।
जो गीत, वाणी एवं कला की अधिष्ठात्री हैं।
ॐ कर्त्र्यै नमः।
Om Kartryai Namah।
जो सृजन करने वाली हैं।
ॐ कलकण्ठ्यै नमः।
Om Kalakanthyai Namah।
जिनका कण्ठ कोयल के समान मधुर है।
ॐ कार्तिक्यै नमः।
Om Kartikyai Namah।
जो भगवान कार्तिकेय की शक्ति हैं।
ॐ कम्बुकण्ठ्यै नमः।
Om Kambukanthyai Namah।
जिनका गला शङ्ख के समान है।
ॐ कौलिन्यै नमः।
Om Kaulinyai Namah।
जो कौल तन्त्र अथवा कौलाचार की अधिष्ठात्री हैं।
ॐ कुमुदायै नमः।
Om Kumudayai Namah।
जो कुमुद, अर्थात् नीलकमल के समान हैं।
ॐ कामजीविन्यै नमः।
Om Kamajivinyai Namah।
जो सृष्टि में कामशक्ति या सृजनशक्ति का आधार हैं।
ॐ कुलस्त्रियै नमः।
Om Kulastriyai Namah।
जो कौलमार्ग की अधिष्ठात्री हैं।
ॐ कीर्तिकायै नमः।
Om Kirtikayai Namah।
जो यश, कीर्ति एवं प्रतिष्ठा प्रदान करती हैं।
ॐ कृत्यायै नमः।
Om Krityayai Namah।
जो सम्मोहन एवं वशीकरण के रूप में स्थित हैं।
ॐ कीर्त्यै नमः।
Om Kirtyai Namah।
जो स्वयं कीर्ति स्वरूपा हैं।
ॐ कुलपालिकायै नमः।
Om Kulapalikayai Namah।
जो कुल का पालन करने वाली हैं।
ॐ कामदेवकलायै नमः।
Om Kamadevakalayai Namah।
जो कामदेव की कलाओं के रूप में स्थित हैं।
ॐ कल्पलतायै नमः।
Om Kalpalatayai Namah।
जो मनोवाञ्छित वर प्रदान करने वाली हैं।
ॐ कामाङ्गवर्धिन्यै नमः।
Om Kamangavardhinyai Namah।
जो प्रेम, सौन्दर्य एवं कामुकता की वृद्धि करने वाली हैं।
ॐ कुन्तायै नमः।
Om Kuntayai Namah।
जो प्रेम की अधिष्ठात्री देवी हैं।
ॐ कुमुदप्रीतायै नमः।
Om Kumudapritayai Namah।
जिन्हें नीलकमल अत्यन्त प्रिय है।
ॐ कदम्बकुसुमोत्सुकायै नमः।
Om Kadambakusumotsukayai Namah।
जो कदम्ब के पुष्प से प्रसन्न होती हैं।
ॐ कादम्बिन्यै नमः।
Om Kadambinyai Namah।
जो घने काले मेघों के समान हैं।
ॐ कमलिन्यै नमः।
Om Kamalinyai Namah।
जो स्वयं कमल पुष्प के रूप में स्थित हैं।
ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः।
Om Krishnanandapradayinyai Namah।
जो भगवान कृष्ण को आनन्द प्रदान करने वाली हैं।
ॐ कुमारीपूजनरतायै नमः।
Om Kumaripujanaratayai Namah।
जो कुमारी पूजन से प्रसन्न होने वाली हैं।
ॐ कुमारीगणशोभितायै नमः।
Om Kumariganashobhitayai Namah।
जो कुमारिकाओं के समूह से शोभायमान हैं।
ॐ कुमारीरञ्जनरतायै नमः।
Om Kumariranjanaratayai Namah।
जो कुमारिकाओं को प्रसन्न करने से आनन्दित होती हैं।
ॐ कुमारीव्रतधारिण्यै नमः।
Om Kumarivratadharinyai Namah।
जो कुमारी व्रत का पालन करती हैं।
ॐ कङ्काल्यै नमः।
Om Kankalyai Namah।
जो कङ्काल, अर्थात् अस्थिपञ्जर के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कमनीयायै नमः।
Om Kamaniyayai Namah।
जो अत्यन्त सुन्दर एवं मनोहर हैं।
ॐ कामशास्त्रविशारदायै नमः।
Om Kamashastravisharadayai Namah।
जो कामशास्त्र की ज्ञाता हैं।
ॐ कपालखट्वाङ्गधरायै नमः।
Om Kapalakhatvangadharayai Namah।
जो कपाल एवं खट्वाङ्ग नामक अस्त्र धारण करती हैं।
ॐ कालभैरवरूपिण्यै नमः।
Om Kalabhairavarupinyai Namah।
जो स्वयं कालभैरवरूप में विद्यमान हैं।
ॐ कोटर्यै नमः।
Om Kotaryai Namah।
जो गुहा या हृदय रूपी गह्वर में निवास करने हैं।
ॐ कोटराक्ष्यै नमः।
Om Kotarakshyai Namah।
जो गहरे व कठोर नेत्र वाली हैं।
ॐ काशीवासिन्यै नमः।
Om Kashivasinyai Namah।
जो काशी में निवास करती हैं।
ॐ कैलासवासिन्यै नमः।
Om Kailasavasinyai Namah।
जो कैलाश पर्वत पर निवास करती हैं।
ॐ कात्यायन्यै नमः।
Om Katyayanyai Namah।
जो ऋषि कात्यायन की पुत्री देवी कात्यायनी के रूप में हैं।
ॐ कार्यकर्यै नमः।
Om Karyakaryai Namah।
जो समस्त कार्यों की सिद्धि करने वाली हैं।
ॐ काव्यशास्त्रप्रमोदिन्यै नमः।
Om Kavyashastrapramodinyai Namah।
जो काव्य, अर्थात् कविता आदि से प्रसन्न होती हैं।
ॐ कामाकर्षणरूपायै नमः।
Om Kamakarshanarupayai Namah।
जो प्रेम, काम एवं आकर्षण की मूर्त स्वरूपा हैं।
ॐ कामपीठनिवासिन्यै नमः।
Om Kamapithanivasinyai Namah।
जो कामपीठ में निवास करने वाली हैं।
ॐ कङ्गिन्यै नमः।
Om Kanginyai Namah।
जो कम्पन अथवा स्पन्दन चेतना के रूप में स्थित हैं।
ॐ काकिन्यै नमः।
Om Kakinyai Namah।
जो अनाहत चक्र में स्थित करुणा एवं भक्ति की अधिष्ठात्री देवी काकिनी के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ क्रीडायै नमः।
Om Kridayai Namah।
जो स्वयं समस्त सृष्टि में क्रीडा अथवा लीला रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कुत्सितायै नमः।
Om Kutsitayai Namah।
जो अभद्र, अशुभ एवं अधम शक्तियों के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कलहप्रियायै नमः।
Om Kalahapriyayai Namah।
जिन्हें कलह अथवा क्लेश प्रिय है।
ॐ कुण्डगोलोद्भवप्राणायै नमः।
Om Kundagolodbhavapranayai Namah।
जो स्त्री-पुरुष के बीज में प्राण के रूप में स्थित हैं।
ॐ कौशिक्यै नमः।
Om Kaushikyai Namah।
जो कोशिका के रूप में स्थित हैं।
ॐ कीर्तिवर्धिन्यै नमः।
Om Kirtivardhinyai Namah।
जो कीर्ति में वृद्धि करने वाली हैं।
ॐ कुम्भस्तन्यै नमः।
Om Kumbhastanyai Namah।
जिनके स्तन कुम्भ, अर्थात् घट के समान विशाल हैं।
ॐ कटाक्षायै नमः।
Om Katakshayai Namah।
जो वक्र अथवा तीक्ष्ण दृष्टि वाली हैं।
ॐ काव्यायै नमः।
Om Kavyayai Namah।
जो कविता, रस एवं छन्द आदि के रूप में विद्यमान हैं।
ॐ कोकनदप्रियायै नमः।
Om Kokanadapriyayai Namah।
जिन्हें लाल कमलपुष्प अत्यन्त प्रिय है।
ॐ कान्तारवासिन्यै नमः।
Om Kantaravasinyai Namah।
जो कमल पुष्प में निवास करती हैं।
ॐ कान्त्यै नमः।
Om Kantyai Namah।
जो तेज, आभा एवं दिव्य सौन्दर्य की प्रतिमूर्ति हैं।
ॐ कठिनायै नमः।
Om Kathinayai Namah।
जिन्हें प्राप्त करना अत्यन्त कठिन है।
ॐ कृष्णवल्लभायै नमः।
Om Krishnavallabhayai Namah।
जो भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय हैं।
॥ इति शाक्तप्रमोदे श्रीकाली-अष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णा ॥