
Hanuman Jayanti 2027 will be observed on Tuesday, 20 April 2027, commemorating the birth of Lord Hanuman, the embodiment of strength, courage, devotion, and selfless service. Celebrated on Chaitra Purnima, devotees observe fasts, visit Hanuman temples, recite the Hanuman Chalisa, Sundarkand, and other sacred prayers, and offer laddoos, jaggery, and gram as bhog. To help devotees celebrate this auspicious occasion, we have curated a complete Hanuman Jayanti collection featuring Hanuman Chalisa, Bajrang Baan, Hanuman Ashtak, Sundarkand, Aartis, Mantras, Stotras, Vrat Katha, and devotional articles for a spiritually enriching celebration. 🙏🚩
हनुमान जयंती भगवान हनुमान के पावन जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व शक्ति, भक्ति, साहस, निष्ठा और श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण के प्रतीक बजरंगबली को समर्पित है। वर्ष 2027 में हनुमान जयंती मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी। इस दिन देशभर के हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, भंडारे और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
हनुमान जयंती 2027 कब है?
- हनुमान जयंती: मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
- तिथि: चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 20 अप्रैल 2027 प्रातः लगभग 4:53 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 21 अप्रैल 2027 प्रातः लगभग 3:58 बजे
हनुमान जयंती का महत्व
भगवान हनुमान को भगवान शिव का अंशावतार, पवनपुत्र, संकटमोचन और श्रीराम के परम भक्त के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता अंजना और वानरराज केसरी के पुत्र हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था। उन्होंने अपने बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति से धर्म की रक्षा की तथा श्रीराम की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
हनुमान जयंती का पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची शक्ति विनम्रता, सेवा और ईश्वर भक्ति में निहित है।
हनुमान जयंती पर पूजित स्वरूप
इस दिन भक्त विशेष रूप से निम्न स्वरूपों का दर्शन एवं पूजन करते हैं:
- बाल हनुमान
- वीर हनुमान
- पंचमुखी हनुमान
- संकटमोचन हनुमान
- रामदूत हनुमान
हनुमान जयंती पर क्या करें?
- प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- श्रीराम, सीता माता और हनुमान जी का पूजन करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- सुंदरकांड का पाठ करें।
- बजरंग बाण एवं हनुमान अष्टक का पाठ करें।
- मंदिर में सिंदूर, चमेली का तेल और लाल पुष्प अर्पित करें।
- गरीबों एवं जरूरतमंदों को भोजन एवं दान दें।
हनुमान जी के प्रिय भोग
हनुमान जी को निम्न भोग अत्यंत प्रिय माने जाते हैं:
- बूंदी और बेसन के लड्डू
- मोतीचूर लड्डू
- गुड़ और चना
- केले एवं अन्य फल
- पान का बीड़ा
- तुलसी पत्र (कुछ परंपराओं में)
हनुमान जयंती पर पढ़े जाने वाले प्रमुख पाठ
हनुमान चालीसा
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह सर्वाधिक लोकप्रिय स्तुति है।
सुंदरकांड
रामायण का वह भाग जिसमें हनुमान जी की वीरता, बुद्धिमत्ता और भक्ति का वर्णन है।
बजरंग बाण
संकटों से रक्षा और आत्मबल के लिए पाठ किया जाता है।
हनुमान अष्टक
हनुमान जी की महिमा का सुंदर स्तोत्र।
हनुमान जयंती का आध्यात्मिक संदेश
हनुमान जयंती केवल जन्मोत्सव नहीं, बल्कि सेवा, निस्वार्थ भक्ति, साहस और धर्म के प्रति समर्पण का पर्व है। हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि जब जीवन में विश्वास, परिश्रम और ईश्वर के प्रति श्रद्धा हो, तब कोई भी कठिनाई असंभव नहीं रहती।